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January 31, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राहुल राज और राहुल गाँधी की मुंबई यात्रा में इतना फर्क क्यों ?

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राहुल गाँधी की हालिया मुंबई यात्रा मीडिया की सुर्ख़ियों में छाई रही .ठीक उसी दिन देश में बेलगाम महगाई को लेकर कांग्रेस कमिटी की हंगामेदार बैठक हो रही थी .ऐसी दर्जनों खबरे जिनका सरोकार आम आदमी से था ,खबरों की चर्चा से नदारद थी . सिर्फ राहुल गाँधी और उनकी मुंबई यात्रा .मानो राहुल गाँधी पुर्तगालियों की चंगुल से मुंबई को आज़ाद करने निकले हो. राहुल गाँधी ट्रेन में ,राहुल गाँधी स्कूल में ,राहुल गाँधी ट्रेफिक में ......यानि जय हो राहुल गाँधी ! किसिने कहा शिव सेना के गढ़ में सेंध ,किसिने कहा किला फतह ,किसिने कहा बुढ़ा शेर पस्त और कांग्रेस का युवराज मस्त !दिन भर का मिडिया प्रायोजित यह यात्रा समाप्त हुई लेकिन अपने साथ ढेरों सवाल छोड़ गयी . कांग्रेस के मिडिया मेनेजर कहते है कि इस यात्रा का उद्देश्य आम आदमी में भरोसा बढ़ाने से था ,एक मेनेजर ने कहा कि इस यात्रा ने शिव सेना के घमंड को चकना चूर कर दिया है .मुंबई सबके लिए है यही बात राहुल गांधी यहाँ बताने आये थे .अँधेरी के लोकल ट्रेन की यात्रा हो या मुंबई के दुसरी जगहों की यात्रा खुद इसकी सुरक्षा की कमान मुख्या मंत्री संभाले हुए थे .राहुल के चप्पल उठाने …